होली के त्योहार पर सरकार ने लाखों किसानों को खुशखबरी दी है। अब उत्तरप्रदेश के किसान आधुनिक कृषि यंत्रों को खरीदने पर भारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विभाग ने होली के अवसर पर किसानों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली के रंग भरने के उद्देश्य से यह विशेष पहल शुरू की है।
इच्छुक किसान 4 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह योजना खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जो महंगे कृषि उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं होते थे। सब्सिडी मिलने से अब वे भी आधुनिक तकनीक से खेती कर अपनी आय दोगुनी कर सकेंगे।
किन योजनाओं के तहत मिलेगा लाभ?
कृषि विभाग ने कई प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए हैं। किसान निम्नलिखित योजनाओं के तहत अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त कर सकते हैं:
- सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना
- फार्म मशीनरी बैंक योजना
- कस्टम हायरिंग सेंटर
- कृषि ड्रोन योजना
- फसल अवशेष प्रबंधन योजना (पराली प्रबंधन)
- स्ट्रॉ मैनेजमेंट मशीनें
- अवशेष निस्तारण उपकरण
- त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम (बैच ड्रायर और मेज सेलर)
इन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी
इस योजना के तहत किसानों को कई आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिनमें कृषि ड्रोन, सीड ड्रिल (बीज बोने की मशीन), रोटावेटर, रीपर मशीन, पावर वीडर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, स्प्रे मशीन, पंप सेट व ट्रैक्टर से जुड़े अन्य आधुनिक यंत्र शामिल हैं।
कैसे करें ऑनलाइन आवेदन? (स्टेप–बाय–स्टेप प्रक्रिया)
कृषि विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है ताकि किसानों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। आवेदन के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
- सबसे पहले कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर जाएं।
- होम पेज पर “किसान कॉर्नर” विकल्प पर क्लिक करें।
- अब “यंत्र बुकिंग प्रारंभ” या “ऑनलाइन बुकिंग” लिंक पर क्लिक करें।
- अपना पंजीकरण करें या पहले से पंजीकृत हैं तो लॉगिन करें।
- मांगी गई सभी जानकारी ध्यानपूर्वक भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- अपने लिए उपयुक्त कृषि यंत्र का चयन करें और आवेदन सबमिट करें।
- आवेदन के बाद आपको बुकिंग टोकन जारी किया जाएगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
- आधार कार्ड (किसान का)
- बैंक पासबुक (खाता संख्या और IFSC कोड सहित)
- खतौनी/भूमि के दस्तावेज (अपनी जमीन का प्रमाण)
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग से हैं तो)
ध्यान रखें: सभी दस्तावेज साफ और सही हों, तभी आपका आवेदन बिना किसी रुकावट के प्रोसेस होगा।
चयन के बाद करनी होगी यह जरूरी प्रक्रिया
अगर आपका चयन हो जाता है और टोकन कन्फर्म हो जाता है, तो कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी:
- टोकन कन्फर्म होने के 10 दिन के भीतर कृषि यंत्र खरीदना अनिवार्य है।
- यंत्र खरीदने के बाद उसकी रसीद और फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
- यह जानकारी www.agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in पर अपलोड करें।
- समय सीमा का पालन न करने पर अनुदान रद्द भी हो सकता है।
छोटे किसानों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सरकार का विशेष फोकस छोटे और सीमांत किसानों पर है। पहले महंगे कृषि यंत्र खरीदना अधिकांश किसानों के लिए संभव नहीं था, लेकिन अब अनुदान और सामूहिक मशीन बैंक की सुविधा से खेती आसान हो रही है। कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसान जरूरत के अनुसार मशीन किराये पर भी ले सकते हैं। इससे उन्हें बड़ी पूंजी निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ती।
महत्वपूर्ण तिथियां
- आवेदन शुरू: 25 फरवरी 2026
- आवेदन की अंतिम तिथि: 4 मार्च 2026 (रात 12 बजे तक)
- यंत्र खरीदने की समय सीमा: टोकन कन्फर्म होने के 10 दिन के भीतर
किन बातों का रखें खास ध्यान?
- आवेदन करते समय सभी जानकारी सही-सही भरें।
- दस्तावेज साफ-सुथरे स्कैन करके अपलोड करें।
- अंतिम तिथि के आखिरी दिन का इंतजार न करें, वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ सकता है।
- आवेदन के बाद टोकन जरूर नोट कर लें।
- चयन होने पर तय समय में यंत्र खरीदकर रसीद अपलोड करें।
सरकार ने 2025 तक 3 लाख कृषि यंत्र किसानों को बांटे
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कृषि यंत्रीकरण की दिशा में जो काम हुआ है, उसके परिणाम अब साफ नजर आने लगे हैं। कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि साल 2017 से लेकर 2025 तक प्रदेश के किसानों को लगभग 3 लाख आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इनमें से 2.31 लाख से ज्यादा एकल कृषि यंत्र सीधे किसानों तक पहुंचाए गए, ताकि वे खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सकें। वहीं, जो किसान महंगे यंत्र नहीं खरीद सकते, उनके लिए 8,405 कस्टम हायरिंग सेंटर और 7,351 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां से किराये पर मशीनें लेकर खेती करना आसान हो गया है।
चालू वित्तवर्ष में 7,777 नए कृषि यंत्र खेतों तक पहुंचे
इसी कड़ी में चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो जनवरी 2026 तक ही 7,777 नए कृषि यंत्र किसानों के खेतों तक पहुंच चुके हैं। साथ ही, 51 नए कस्टम हायरिंग सेंटर और 64 फार्म मशीनरी बैंक भी शुरू किए गए हैं, जिससे गांव-गांव तक मशीनों की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
निष्कर्ष
होली के इस शुभ अवसर पर योगी सरकार की यह योजना किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और आधुनिक कृषि यंत्रों से अपनी खेती को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो 4 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना न भूलें और होली पर सरकार का यह खास तोहफा उठाएं।
आधिकारिक वेबसाइट: www.agridarshan.up.gov.in